Eligibility for Private/Single Subject Exam Application

व्यक्तिगत/एक विषय परीक्षा में सम्मिलित होने हेतु पात्रता (Eligibility) व्यक्तिगत परीक्षा में सम्मिलित होने हेतु पात्रता

  1. बी0ए0 प्रथम वर्ष हेतु इण्टर या समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण होना आवश्यक है ।
  2. बी0काम0 प्रथम वर्ष हेतु इण्टर या समकक्ष परीक्षा कामर्स विषय के साथ उत्तीर्ण होना आवश्यक है ।
  3. व्यक्तिगत परीक्षार्थी केवल बी.ए. (प्रायोगिक विषय एवं गणित को छोड़कर), एम.ए. (प्रायोगिक विषय तथा शिक्षाशास्त्र विषय छोड़कर) तथा बी.काम. एवं एम.काम. परीक्षा हेतु आवेदन कर सकते है । विषय एवं प्रश्नपत्रों का चयन नियमानुसार ही करना होगा । एक बार चुने गये विषय/प्रश्नपत्र में परिवर्तन हेतु कोई निवेदन स्वीकार नही होगा ।
  4. बी.ए. परीक्षा हेतु आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को व्यक्तिगत छात्र के रूप में विषय चयन हेतु निम्नलिखित प्रतिबन्ध है :
    1. शिक्षा-शास्त्र के साथ दर्शन शास्त्र विषय का चयन नही किया जा सकता है ।
    2. इतिहास/प्राचीन इतिहास भारतीय में से एक ही विषय का चयन किया जा सकता है ।
    3. हिन्दी भाषा अथवा अंग्रेजी भाषा में से एक ही विषय का चयन किया जा सकता है ।
    4. तीन साहित्य विषयों का चयन एक साथ नहीं किया जा सकता ।
    5. हिन्दी साहित्य एवं उर्दू साहित्य का चयन भी एक साथ नही किया जा सकता ।
  5. एम.ए. परीक्षा हेतु वही अभ्यर्थी अर्ह होगें जिन्होने स्नातक परीक्षा उत्तीर्ण की है तथा एम.काम. के लिये वही अभ्यर्थी अर्ह होगें जिसने बी.काम. परीक्षा उत्तीर्ण की है ।
  6. परास्नातक परीक्षा में संकाय परिवर्तन हेतु स्नातक परीक्षा में 55 प्रतिशत अंक होना आवश्यक है। SC/ST वर्ग के अभ्यर्थियों को 5% की छूट अनुमन्य है।
  7. स्नातक उपाधि पाठ्यक्रम पूरा करने की अधिकतम अवधि 07 वर्ष तथा परास्नातक उपाधि को पूरा करने की अवधि 05 वर्ष निर्धारित है। उक्त अवधि में पाठ्यक्रम पूरा न करने पर पुन: प्रथम वर्ष से उपाधि परीक्षा में सम्मिलित होना होगा ।
  8. ऐसे अभ्यर्थी, जिनकी परीक्षा अनुचित साधन प्रयोग करने के कारण रद्द कर दी गयी है और जिन्हें कुछ वर्षों के लिए आगामी परीक्षा में बैठने के अधिकार से वंचित कर दिया गया गया है उन्हें इस वर्ष की परीक्षा या आगामी परीक्षा में बैठने की अनुमति तभी होगी जब रद्द/निषेधित अवधि समाप्त हो जायेगी ।
  9. जो अभ्यर्थी आई0सी0एस0ई0/सी0बी0एस0ई0 या इण्टरमीडियट परीक्षा के समकक्ष अन्य किसी बोर्ड जिनमें माइग्रेशन सर्टीफिकेट निर्गत करने का प्राविधान हैए उन्हें स्नातक में नामांकन हेतु माइग्रेशन सर्टीफिकेट प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा । परास्नतक प्रथम वर्ष कक्षाओं में आवेदन करने वाले वे अभ्यर्थी जिन्होंने अपना स्नातक पाठ्यक्रम किसी अन्य विश्वविद्यालय से पूर्ण किया है और वे वर्तमान में इस विश्वविद्यालय में नामांकित नही हैंए उन्हें कम्प्यूटर जनित आवेदन पत्र के साथ अपने माइग्रेशन सर्टीफिकेट को लगाना अनिवार्य होगा।
  10. विदेशी अभ्यर्थियों अथवा अन्य प्रदेशों तथा अन्य विश्वविद्यालयों के क्षेत्राधिकार के अन्तर्गत निवास करने वाले अभ्यर्थियों को व्यक्तिगत परीक्षा में सम्मिलित होने हेतु आवेदन की अनुमति नहीं है, ऐसे अभ्यर्थी केवल संस्थागत अभ्यर्थी हो सकते है परन्तु केन्द्रीय/प्रतिरक्षा/सार्वजनिक उपक्रमो में कार्यरत कर्मचारियों व उनके आश्रितों (पाल्य) का स्थानान्तरण अथवा सेवामुक्त होने पर विश्वविद्यालय परिक्षेत्र में स्थाई निवास सम्बन्धी सक्षम अधिकारी का प्रमाणपत्र/शपथपत्र प्रस्तुत करने पर व्यक्तिगत परीक्षार्थी के रूप में विश्वविद्यालय परीक्षा में सम्मिलित होने की अनुमति, यदि अन्यथा अर्ह हो, तो दी जा सकती है।
  11. नेत्रहीन छात्रों को परीक्षा शुल्क से मुक्ति प्राप्त होने के साथ.साथ आधा घण्टे का अतिरिक्त समय प्रश्नपत्रों को हल करने के लिए दिया जाता है श्रुति लेखक के पारिश्रमिक का भुगतान विश्वविद्यालय द्वारा रसीद प्रस्तुत करने पर दिया जाता है । नेत्रहीन छात्रों को मान्यता प्राप्त चिकित्सक से प्रमाण पत्र प्राप्त कर विश्वविद्यालय को प्रस्तुत करना होगा तथा उसकी एक फोटो प्रति परीक्षा देते समय अपने पास रखनी होगी। श्रुति लेखक वि0वि0 द्वारा नियुक्त किया जायेगा।
  12. वे अभ्यर्थी जिन्होंने इण्टर/समकक्ष परीक्षा किसी ऐसी संस्था से उत्तीर्ण की है जो भारत सरकार/राज्य सरकार की शिक्षा परिषद् से अनुमोदित नही है, परीक्षा में सम्मिलित होने हेतु अर्ह/अनुमन्य नही हैं।
  13. वे अभ्यर्थी जिन्होंने स्नातक परीक्षा ऐसे विश्वविद्यालय से उत्तीर्ण की है जिसकी मान्यता यू.जी.सी. से नही है, परास्नातक परीक्षा में‍ सम्मिलित होने हेतु अर्ह/अनुमन्य नहीं हैं।

व्यक्तिगत एक विषय परीक्षा में सम्मिलित होने हेतु पात्रता

  1. एक विषय/एक प्रश्न पत्र के अभ्यर्थियों के लिये आवश्यक है कि उन्होंने स्नातक/परास्नातक की परीक्षा छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय से उत्तीर्ण किया हो ।
  2. यदि किसी पूर्व नामांकित अभ्यर्थी ने इस विश्वविद्यालय से माइग्रेशन सर्टीफिकेट प्राप्त कर लिया हो तो उसे अपने पुराने नामांकन का नवीनीकरण कराना आवश्यक होगा। ऐसे अभ्यर्थी पुन: नामांकित हुये बिना एक विषय/प्रश्न पत्र की परीक्षा हेतु अर्ह नही होंगे ।
  3. ऐसे अभ्यर्थी को जिनकी परीक्षा अनुचित साधन प्रयोग करने के कारण रद्द कर दी गयी है और जिन्हें कुछ वर्षों के लिए आगामी परीक्षा में बैठने के अधिकार से वंचित कर दिया गया गया है उन्हें इस वर्ष की परीक्षा या आगामी परीक्षा में बैठने की अनुमति तभी मिलेगी जब रद्द/निषेधित अवधि समाप्त हो जायेगी और विश्वविद्यालय द्वारा निर्गत आदेश परीक्षा आवेदन पत्र के साथ संलग्न करना अनिवार्य होगा ।
  4. नेत्रहीन छात्रों को परीक्षा शुल्क से मुक्ति प्राप्त होने के साथ.साथ आधा घण्टे का अतिरिक्त समय प्रश्नपत्रों को हल करने के लिए दिया जाता है श्रुति लेखक के पारिश्रमिक का भुगतान विश्वविद्यालय द्वारा रसीद प्रस्तुत करने पर दिया जाता है । नेत्रहीन छात्रों को मान्यता प्राप्त चिकित्सक से प्रमाण पत्र प्राप्त कर विश्वविद्यालय को प्रस्तुत करना होगा तथा उसकी एक फोटो प्रति परीक्षा देते समय अपने पास रखनी होगी ।

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